Friday, July 26, 2013

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વિશ્વાસ બધા જ વરદાનોનો આધાર છે.




2 comments:

  1. I Support Narendra Modi
    आब्रेकिंग न्यूज़ : गांधीनगर से अमेरिकियों को नरेंद्र
    मोदी का संदेश, गया कर्ज चुकाने का समय
    नरेंद्र मोदी बेशक अमेरिका में जाकर अपनी बात न कह
    सकते हों, लेकिन अमेरिकियों तक वे बड़ी आसानी से
    पहुंच जाते हैं. रविवार सुबह नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर
    से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अमेरिका में रहने वाले
    भारतीयों को संबोधित किया और अपनी बात कही.
    उन्होंने नैरोबी में हमले पर दुख जाहिर करने से लेकर
    बीजेपी राज्यों में विकास तक की बातें कीं.
    नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले कहा, 'नैरोबी में
    जो हमला हुआ है उसमें भारतीयों की भी मौत हुई है.
    हम मृतकों को श्रद्धांजलि देते हैं. हमें लगता है कि इस
    मामले में कीनिया की सरकार जरूर कार्रवाई
    करेगी और दोषियों को पकड़ेगी. आतंक इस समय
    अपनी जड़ें जमा रहा है, जो एक चैलेंज है. अब संसार
    में मानवता का संदेश फैलाने की जरूरत है.
    अमेरिकी भारतीयों के सामने मोदी अटल
    बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी का नाम
    लेना नहीं भूले. उन्होंने कहा कि पार्टी आज जिस
    स्थिति में है, वह इन दोनों के त्याग की बदौलत है.
    मोदी ने कहा कि अटल जी की सरकार ने विश्व
    को नया संदेश दिया था. उनकी सरकार के वक्त भारत
    के रिश्ते पड़ोसियों से अच्छे थे, लेकिन अब सब कुछ
    खराब हो चुका है, हर स्तर पर गिरावट दर्ज
    की जा रही है.
    मोदी ने अमेरिका में रह रहे भारतीयों को उनका कर्ज
    याद दिलाया. मोदी ने कहा, 'आपकी पढ़ाई से लेकर
    आपकी तरक्की तक गरीबों का भी बहुत योगदान है,
    अपने देश के लिए, समाज के लिए अब कर्ज चुकाएं.'
    2014 के चुनाव को बहुत बड़ी लड़ाई बताते हुए
    मोदी ने कहा कि यह सुनहरी भविष्य की लड़ाई है.
    जिसे किसान से लेकर युवा और महिलाएं सब मिलकर
    लड़ रहे हैं.

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  2. આવો તો સાજણ,છૂંદણાંનો મોર કરી રાખું.
    જીવતરના વગડામાં આવી મળો જો તમે-
    શબરીનાં બોર જેમ ચાખું.
    …છૂંદણાંનો મોર કરી રાખું.

    આવો તો સાજણ,
    સમદરની છોળ્ય જેમ ભળીએ;
    આવો તો સાજણ,
    અવની ને આભ જેમ મળીએ-
    એકાદું વેણ-શેણ પાળવાનું હોય તો
    આયખાની હોડ બકી નાખું.
    …છૂંદણાંનો મોર કરી રાખું.

    આવો તો સાજણ,
    પૂનમનું પાનેતર ઓઢું,
    આવો તો સાજણ,
    ચંદરથી રૂપ કરું દોઢું;
    વાવડિયા મોકલો જો આવવાની દશ્યુંના તો ;
    ઉગાડું અંગ-અંગ પાંખું.
    …છૂંદણાંનો મોર કરી રાખું.

    આવો તો સાજણ,
    અષાઢી આભ જેમ વરસું,
    આવો તો સાજણ,
    વૈશાખી ભોમ જેમ તરસું;
    આખો અવતાર સંગ કાઢવાની વાત તોયે-
    શું રે પડે છે હવે વાંકું?
    …છૂંદણાંનો મોર કરી રાખું.

    (ટહુકો)

    ઇસુભાઇ ગઢવી

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